संक्षेप में
- डायमंड रैपिड्स (ज़िऑन ७): २५६ पैंथर कोव परफॉरमेंस कोर, इंटेल १८ए-पी निर्माण प्रक्रिया, १.२८जीबी लास्ट-लेवल कैश (एलएलसी), १६ मेमोरी चैनल (डीडीआर५-१२८०० गति), सीएक्सएल ३.० और पीसीआईई जनरेशन ६। २०२७ में कॉर्पोरेट डेटा सेंटरों के लिए प्रस्तावित।
- क्रिसेंट आइलैंड (एक्सई३पी): ३२ एक्सई कोर, ३५० वॉट पर पारंपरिक एयर-कूलिंग, ४८०जीबी तक एलपीडीडीआर५एक्स मेमोरी (बिना किसी एचबीएम के)। सामान्य सर्वर रैक में प्रति वॉट टोकन उत्पादन के लिए अनुकूलित।
- उद्योग के विपरीत रणनीति: जहां अन्य कंपनियां महंगे लिक्विड-कूलिंग और एचबीएम मेमोरी वाले भारी जीपीयू की ओर जा रही हैं, वहीं इंटेल उन ८०% सामान्य डेटा सेंटर रैक को लक्षित कर रहा है जिनमें लिक्विड पाइपलाइन लगाना संभव नहीं है।
दो प्रोसेसर और एक संयुक्त रणनीति
हॉट चिप्स २०२६ सम्मेलन में इंटेल की प्रस्तुतियां तकनीकी रूप से विस्तृत थीं और उनका रणनीतिक उद्देश्य स्पष्ट था: एनवीडिया के उस बाजार पर दो तरफ से हमला करना जहां वर्तमान आर्किटेक्चर में विकल्प की कमी है।
डायमंड रैपिड्स सीपीयू की शक्ति बढ़ाने पर केंद्रित है ताकि स्वायत्त एआई एजेंटों के ऐसे कार्यों को बिना जीपीयू के सीधे चलाया जा सके, जिनमें भारी मैट्रिक्स गणना की आवश्यकता नहीं होती बल्कि अधिक समानांतर थ्रेड और कम मेमोरी विलंबता की जरूरत होती है।
क्रिसेंट आइलैंड सामान्य सर्वर रैक के लिए बनाया गया एक समर्पित इन्फ्रेंस कार्ड है, जो दुर्लभ और महंगी एचबीएम मेमोरी के बजाय आसानी से उपलब्ध एलपीडीडीआर५एक्स मेमोरी का उपयोग करता है।
डायमंड रैपिड्स: एआई कार्यों के लिए मुख्य सीपीयू
| तकनीकी विनिर्देश | डायमंड रैपिड्स (ज़िऑन ७) |
|---|---|
| कोर संख्या | २५६ पैंथर कोव परफॉरमेंस कोर |
| निर्माण प्रक्रिया | इंटेल १८ए-पी (गणना चिपलेट) |
| चिपलेट संरचना | १६ चिपलेट, प्रत्येक में १६ कोर |
| पैकेजिंग तकनीक | फोवेरोस डायरेक्ट ३डी हाइब्रिड बॉन्डिंग + यूसीआईई-एस |
| लास्ट-लेवल कैश (एलएलसी) | १.२८ जीबी |
| मेमोरी चैनल | १६ चैनल, १२,८०० एमटी/सेकंड तक |
| पीसीआईई लेन | १२८ लेन, जनरेशन ६ |
| सीएक्सएल समर्थन | ३.० |
| नया निर्देश सेट | एपीएक्स और विस्तारित एएमएक्स |
| प्रस्तावित वर्ष | २०२७ |
१.२८जीबी का लास्ट-लेवल कैश इस प्रोसेसर की सबसे बड़ी विशेषता है। संदर्भ के लिए, यह मात्रा कुछ पुराने सर्वरों की कुल मुख्य मेमोरी से भी अधिक है। एआई एजेंट एक साथ दर्जनों समानांतर कार्य चलाते हैं, जिनमें लंबे संदर्भ और टूल-कॉल की जानकारी को बार-बार पढ़ना पड़ता है। बड़ा कैश होने से मुख्य मेमोरी से डेटा लाने में लगने वाला समय बहुत कम हो जाता है, जिससे एजेंट की प्रतिक्रिया गति में सुधार होता है।
पैकेजिंग तकनीक में इंटेल का विनिर्माण कौशल दिखाई देता है। १८ए-पी पर बने गणना चिपलेट सीधे इंटेल ३-टी बेस टाइल से फोवेरोस डायरेक्ट तकनीक द्वारा जुड़ते हैं। संपूर्ण निर्माण इंटेल की अपनी फैक्टरियों में होता है, जिससे किसी बाहरी फाउंड्री पर निर्भरता नहीं रहती।
एक ही सॉकेट में २५६ शक्तिशाली कोर होने से कंपनियां ७ अरब से ३० अरब पैरामीटर वाले मध्यम आकार के मॉडलों को बिना किसी अलग जीपीयू कार्ड के सीधे सीपीयू पर चला सकती हैं।
क्रिसेंट आइलैंड: बिना एचबीएम का इन्फ्रेंस कार्ड
| तकनीकी विनिर्देश | क्रिसेंट आइलैंड |
|---|---|
| आर्किटेक्चर | एक्सई३पी |
| एक्सई कोर संख्या | ३२ (४ स्लाइस, प्रत्येक में ८) |
| वेक्टर इंजन | कुल २५६ इंजन |
| एक्सएमएक्स मैट्रिक्स यूनिट | कुल २५६ यूनिट (१६-डीप सिस्टोलिक ऐरे) |
| रजिस्टर फाइल (जीआरएफ) | प्रति कोर १एमबी |
| एल१ कैश | प्रति कोर ५१२केबी |
| एल२ कैश | ३२एमबी एकीकृत |
| मेमोरी | एलपीडीडीआर५एक्स, ४८०जीबी तक (मानक: १६०जीबी) |
| बिजली खपत | ३५० वॉट, एयर-कूल्ड |
| समर्थित डेटा प्रारूप | एफपी४, एमएक्सएफपी४, एफपी८, बीएफ१६, एफपी१६, एफपी३२, एफपी६४ |
| कार्ड प्रारूप | मानक पीसीआईई कार्ड |
यह उत्पाद डिजाइन जानबूझकर मौजूदा चलन के विपरीत बनाया गया है। बाजार के अन्य उत्पाद (एनवीडिया एच१००, एच२००, बी२०० और एएमडी एमआई३००एक्स) एचबीएम मेमोरी का उपयोग करते हैं। एचबीएम अधिक बैंडविड्थ देती है लेकिन उसकी कई सीमाएं हैं:
- भारी लागत: एसके हाइनिक्स और सैमसंग की एचबीएम४ मेमोरी पुरानी पीढ़ी से २०% से ३०% महंगी है। केवल मेमोरी की लागत ही प्रति चिप ५,००० डॉलर से अधिक हो सकती है।
- आपूर्ति की कमी: टीएसएमसी के पास उन्नत पैकेजिंग क्षमता सीमित है, जिससे पूरे उद्योग में चिप उत्पादन धीमा पड़ जाता है।
- गर्मी और कूलिंग: भारी एचबीएम चिप्स को ठंडा रखने के लिए लिक्विड-कूलिंग आवश्यक होती है, जिसके लिए सर्वर रूम में पाइपलाइन लगानी पड़ती है।
क्रिसेंट आइलैंड इन तीनों समस्याओं का समाधान करता है। एलपीडीडीआर५एक्स मेमोरी व्यापक रूप से उपलब्ध है और एचबीएम की तुलना में प्रति गीगाबाइट लगभग ५ गुना सस्ती है। ४८०जीबी क्षमता के साथ यह एच२०० (८०जीबी) की तुलना में कई गुना अधिक मॉडल डेटा रख सकता है।
३५० वॉट का यह कार्ड किसी भी सामान्य पीसीआईई स्लॉट में आसानी से लग जाता है। साधारण एयर-कूलिंग पर चलने के कारण इसे मौजूदा सर्वरों में बिना किसी बदलाव के लगाया जा सकता है।
बाजार में स्थिति और चुनौतियां
इंटेल की रणनीति सीधे उच्चतम गति में एनवीडिया को पछाड़ने की नहीं है, बल्कि कुल संचालन लागत (टीसीओ) घटाने की है।
डायमंड रैपिड्स के लिए तर्क: "आपके एआई एजेंट कार्यों के लिए महंगे जीपीयू की आवश्यकता नहीं है; इसके लिए २५६ तेज कोर, १.२८जीबी कैश और सीएक्सएल ३.० पर्याप्त हैं।"
क्रिसेंट आइलैंड के लिए तर्क: "इन्फ्रेंस के लिए लिक्विड-कूलिंग और ३०,००० डॉलर के कार्ड की जरूरत नहीं है। ३५० वॉट के कार्ड से अपने मौजूदा सर्वरों में ही टोकन उत्पन्न करें।"
इंटेल के सामने मुख्य चुनौती समय पर उत्पादन और सॉफ्टवेयर समर्थन की होगी। १८ए-पी प्रक्रिया का बड़े पैमाने पर उत्पादन और एक्सई३पी का व्यावहारिक प्रदर्शन २०२७ में ही स्पष्ट हो पाएगा। हार्डवेयर की अवधारणा ठोस है, और बाजार की नजर अब इसके वास्तविक क्रियान्वयन पर टिकी है।
तकनीकी विवरण हॉट चिप्स २०२६ के आधिकारिक सत्रों और टेक-पावर-अप, टॉम्स हार्डवेयर तथा सर्व-द-होम की रिपोर्टों से संकलित। प्रतिस्पर्धी विश्लेषण एनवीडिया और एएमडी के सार्वजनिक विनिर्देशों पर आधारित।
